संभल हिंसा: विदेश में बैठे 'मास्टरमाइंड' पर पुलिस का डबल एक्शन, उधर सुप्रीम कोर्ट से आई बड़ी खुशखबरी!
संभल हिंसा मामले में आज का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। एक तरफ जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने जेल की सलाखों के पीछे बंद तीन आरोपियों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने हिंसा के कथित ‘मास्टरमाइंड’ शारिक साथा पर अपना शिकंजा और कस दिया है।
‘मास्टरमाइंड’ पर पुलिस का कड़ा प्रहार
संभल पुलिस ने आज हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे शारिक साथा के खिलाफ दो और नई एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली हैं। एसआईटी (SIT) इंस्पेक्टर की रिपोर्ट आने के बाद नखासा पुलिस स्टेशन में ये नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे साथा की मुश्किलें बढ़ना तय है।
फरार है आरोपी: पुलिस सूत्रों के हवाले से खबर है कि साथा 2020 से ही पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहा है। बताया जा रहा है कि वह विदेश (संभवतः यूएई) में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा है।
साजिश का खुलासा: एसआईटी की ताज़ा रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, संभल में हुई हिंसा अचानक भड़का गुस्सा नहीं थी, बल्कि कोर्ट के आदेश पर हो रहे सर्वे को रोकने के लिए साथा द्वारा रची गई एक “सोची-समझी साजिश” थी।
सुप्रीम कोर्ट से तीन को मिली आजज़ादी
कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने हिंसा के आरोप में 2024 के अंत से जेल काट रहे तीन लोगों—दानिश, फैजान और नजीर—को जमानत दे दी है।
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने उनकी लंबी कैद को देखते हुए रिहाई का आदेश सुनाया। इससे पहले जिला अदालत और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें राहत दे दी है।
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अब कैसा है संभल का हाल?
इन कानूनी दांव-पेच के बीच संभल में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
सब कुछ सामान्य: शहर में हालात अब पूरी तरह काबू में हैं। स्कूल, बाज़ार और दफ्तर खुले हैं और आम जनजीवन पटरी पर लौट आया है।
सुरक्षा चाक-चौबंद: लोगों के मन से डर निकालने और विश्वास जगाने के लिए जिला प्रशासन संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च कर रहा है।