KGMU में ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण का खौफनाक खेल? आरोपी डॉक्टर रमीज के मोबाइल ने उगले PFI कनेक्शन के राज!

PFI

Lucknow : किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला डॉक्टर के यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक के मोबाइल फोन से ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। सूत्रों की मानें तो रमीज के तार प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े हो सकते हैं।

सरेंडर की फिराक में था, पर पुलिस ने दबोचा

डॉक्टर रमीज मलिक पिछले कुछ समय से फरार चल रहा था और कोर्ट में सरेंडर करने की जुगत में था। लेकिन चौक पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे सिटी स्टेशन इलाके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उसका मोबाइल खंगाला, तो उसमें कई संदिग्ध चैट, कॉल डिटेल्स और कॉन्टैक्ट्स मिले हैं।

क्या PFI कर रहा था रमीज की मदद?

जांच में यह बात सामने आ रही है कि जब रमीज फरार था, तब वह PFI के कुछ बड़े पदाधिकारियों के संपर्क में था। बताया जा रहा है कि वह उनसे कानूनी मदद और छिपने के लिए ठिकाने की तलाश में बातचीत कर रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि रमीज और PFI के बीच यह रिश्ता कितना पुराना और गहरा है।

इतना ही नहीं, इस मामले के तार दिल्ली बम ब्लास्ट की आरोपी डॉक्टर शाहीन से भी जुड़ते दिख रहे हैं। हालांकि, पुलिस अभी इन कड़ियों की बारीकी से जांच कर रही है और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

पिता का भी PFI से पुराना नाता!

इस केस में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, रमीज के पिता डॉक्टर सलीमुद्दीन के संबंध भी PFI से रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें पहले PFI के कार्यक्रमों में सम्मानित भी किया जा चुका है। जांच एजेंसियां अब पिता-पुत्र दोनों के डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं ताकि इस ‘नेटवर्क’ का पर्दाफाश किया जा सके।

पुराने मोबाइल डेटा से खुलेंगे और भी राज

पुलिस को रमीज के पास से जो मोबाइल मिला है वह नया है, लेकिन एक्सपर्ट्स उसके पुराने फोन का डेटा रिकवर करने में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश ATS (Anti-Terrorism Squad) ने भी इस मामले में दिलचस्पी दिखाई है और स्थानीय पुलिस से अब तक की पूरी रिपोर्ट मांगी है।

मामले की गंभीरता:

  • पीड़िता: KGMU की ही एक महिला डॉक्टर जिसने यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया है।

  • आरोपी: डॉक्टर रमीज मलिक, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

  • जांच: पुलिस, खुफिया एजेंसियां और ATS इस मामले को ‘संगठित साजिश’ के एंगल से देख रही हैं।

KGMU जैसे बड़े संस्थान में इस तरह की घटना ने सबको हैरान कर दिया है। क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत अपराध है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश? इसका जवाब रमीज के मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल सबूतों में छिपा है