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इटावा: जिले के पालीघर अड्डा गांव में सोमवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक 22 वर्षीय युवती का शव घर के अंदर फंदे से लटकता हुआ मिला। परिवार के लिए यह सदमा इसलिए भी गहरा है क्योंकि अभी महज एक महीने पहले ही युवती की गोद भराई की रस्म पूरी हुई थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
सुबह जागी तो उड़े परिजनों के होश मृतक की पहचान रोशनी (22) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, रविवार रात रोशनी अपने कमरे में सोने गई थी और वहीं उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह जब घरवाले सोकर उठे, तो रोशनी को फंदे पर लटकता देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर में चीख-पुकार मच गई।
घबराए परिजन उसे फौरन नीचे उतारकर सीएचसी राजपुर लेकर भागे, लेकिन वहां डॉ. अभिषेक मौर्या ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ चकरनगर अवनीश कुमार और प्रभारी निरीक्षक बलराम मिश्रा अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक बलराम मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दादी बोलीं- बड़े लाड़ से पाला था रोशनी की मौत से उसकी दादी दुलारी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि रोशनी चार बहनों में सबसे छोटी थी। उसके सिर से मां का साया बहुत पहले ही उठ गया था, जिसके बाद दादी ने ही उसे बड़े लाड़-प्यार से पाल-पोसकर बड़ा किया था।
उसकी शादी बकेवर थाना क्षेत्र के पिलखुना गांव में तय हुई थी। पिछले महीने ही धूमधाम से गोद भराई हुई थी। दादी ने सिसकते हुए कहा, “हमें क्या पता था कि वह यूं अचानक हम सभी को रोता-बिलखता छोड़कर चली जाएगी।”
बहन की मौत के गम में भाइयों की छूटी परीक्षा इस दुखद घटना ने रोशनी के दोनों भाइयों, रोहित सिंह और दिलीप सिंह के भविष्य पर भी असर डाला। दोनों भाई बीएससी (प्रथम और द्वितीय वर्ष) के छात्र हैं। सोमवार सुबह वे अपनी परीक्षा देने जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी घर में रोशनी की मौत से कोहराम मच गया।
बहन की हालत देख वे सब कुछ छोड़कर उसे अस्पताल लेकर भागे। इस आपाधापी और दुख की घड़ी में दोनों भाई अपनी परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई।