Dharamshala Ragging Case: छात्रा की मौत, प्रोफेसर और 3 छात्राओं पर FIR, यौन शोषण का आरोप

Dharamshala Ragging Case

हिमाचल प्रदेश के Dharamshala से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक College के प्रोफेसर और तीन छात्राओं पर 19 साल की छात्रा की मौत के मामले में रैगिंग और यौन शोषण (Sexual Assault) जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षण Dharamshala में छात्रों की सुरक्षा और वहां के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Police अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 115(2), और 3(5) के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक Dharamshala (रैगिंग निषेध) अधिनियम की धारा 3 के तहत FIR दर्ज की गई है। इस FIR में College के एक प्रोफेसर और तीन छात्राओं का नाम शामिल है। यह पूरा मामला सितंबर 2025 का बताया जा रहा है।

यह शिकायत पीड़ित छात्रा के पिता ने दर्ज कराई है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को College के अंदर लगातार परेशान किया जा रहा था। शिकायत के अनुसार, College की तीन छात्राओं ने रैगिंग के नाम पर पीड़िता के साथ मारपीट की और उसे डराया-धमकाया। हद तो तब हो गई जब कॉलेज के प्रोफेसर ने भी छात्रा के साथ अश्लील हरकतें (Obscene Acts) कीं, जिससे उसका मानसिक तनाव और बढ़ गया।

पिता ने बताया कि लगातार हो रही प्रताड़ना और धमकी ने उनकी बेटी को बुरी तरह डरा दिया था। वह मानसिक रूप से बहुत परेशान रहने लगी थी। इस डर और तनाव का उसकी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ा और धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ने लगी।

छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे हिमाचल प्रदेश के कई अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए लुधियाना के एक अस्पताल में रेफर किया गया। महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद, 26 दिसंबर 2025 को इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया।

अपनी शिकायत में पिता ने Police को देरी से सूचना देने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि परिवार का पूरा ध्यान अपनी बेटी के इलाज पर था, क्योंकि उसकी हालत बहुत नाजुक थी। बेटी की मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में था, जिस वजह से Police में शिकायत दर्ज कराने में वक्त लग गया।

Police का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने मामले की शुरुआती जांच की। जांच में आरोपों में सच्चाई नजर आने पर आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से केस दर्ज कर लिया गया है। जांच अधिकारी अब इस केस के हर पहलू को खंगाल रहे हैं, जिसमें रैगिंग, मारपीट, धमकी और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

जांच में अब यह पता लगाया जाएगा कि आखिर सितंबर में ऐसा क्या हुआ था जिससे छात्रा को इतना गहरा मानसिक आघात लगा, उसकी सेहत गिरी और अंत में उसकी मौत हो गई। Police मेडिकल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और College प्रशासन की भूमिका की भी बारीकी से जांच करेगी।

इस घटना पर अब राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे “शर्मनाक” बताया है। उन्होंने Police पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की शुरुआती जांच में लापरवाही बरती गई है। ठाकुर ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वहीं, Police ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच पूरी ईमानदारी से की जाएगी। उन्होंने साफ किया है कि चाहे कोई किसी भी पद पर क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि Colleges में रैगिंग और शोषण के खिलाफ सख्त कानून और समय पर शिकायत दर्ज होना कितना जरूरी है, ताकि किसी और छात्र के साथ ऐसा न हो।