दिल्ली कार ब्लास्ट: विदेशी हैंडलर ने भेजे थे ‘42 DIY बम बनाने के वीडियो’, अल फलाह डॉक्टर से जुड़ा बड़ा खुलासा
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज से जुड़े गिरफ्तार डॉक्टर मुज़म्मिल अहमद गणाई को एक विदेशी हैंडलर ने एन्क्रिप्टेड ऐप्स के ज़रिए 42 ‘डू-इट-योरसेल्फ’ (DIY) बम बनाने के वीडियो भेजे थे।
गिरफ्तार डॉक्टर से खुली आतंकी मॉड्यूल की परतें
डॉ. गणाई, रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़े इस टेरर मॉड्यूल के अहम सदस्य बताए जा रहे हैं। वह 36 वर्षीय उमर नबी के सहयोगी थे—वही उमर नबी जिसने ब्लास्ट वाले दिन कार चलाई थी और धमाके में उसकी मौत हो गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि ब्लास्ट से 10 दिन पहले ही डॉ. गणाई को गिरफ्तार कर लिया गया था, और उनके ठिकाने से 2,500 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री, जिसमें 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट शामिल था, बरामद किया गया।
विदेशी हैंडलर "कर्नल उर्फ लैपटॉप भाई" पर गहरा शक
जांच एजेंसियों ने बताया कि गणाई से संपर्क करने वाला विदेशी हैंडलर मोहम्मद शाहिद फैसल था, जो “कर्नल”, “लैपटॉप भाई” और “भाई” जैसे नामों से जाना जाता है। एजेंसियों को शक है कि वही 2020 से कर्नाटक और तमिलनाडु में कई आतंकी मॉड्यूल को अंजाम देने की कोशिशों का मास्टरमाइंड है।
फैसल के नाम कई पुराने हमलों से जुड़ रहे हैं, जिनमें शामिल हैं—
कोयंबटूर कार सुसाइड ब्लास्ट – 23 अक्टूबर 2022
मंगलुरु ऑटोरिक्शा ब्लास्ट (कथित दुर्घटना) – 20 नवंबर 2022
बेंगलुरु रमैश्वरम कैफ़े ब्लास्ट – 1 मार्च 2024
इंजीनियरिंग ग्रेजुएट से इंटरनेशनल टेरर नेटवर्क का हिस्सा
रिपोर्ट के अनुसार, फैसल बेंगलुरु का इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है, जो 2012 में लापता हो गया था। उस समय पुलिस ने एक बड़े लश्कर-ए-तैयबा लिंक्ड टेरर प्लॉट का खुलासा किया था, जिसमें कई युवा इंजीनियर, डॉक्टर और अन्य प्रोफेशनल जुड़े थे। फैसल की पहचान होने के बाद वह सीधे पाकिस्तान भाग गया।
इसके बाद वह सीरिया-तुर्की बॉर्डर पर सक्रिय हुआ और NIA की जांच में उसकी पहचान की पुष्टि हुई। रमैश्वरम कैफ़े ब्लास्ट केस में भी उसे फरार आरोपी के रूप में नामित किया गया है।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच तेज
10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में करीब 10 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें कार चला रहे डॉ. उमर नबी भी शामिल थे।
अब 42 बम-निर्माण वीडियो और भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद यह साफ है कि मॉड्यूल लंबे समय से बड़े हमलों की साजिश रच रहा था।
NIA और अन्य एजेंसियाँ अब इस पूरे नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन, फंडिंग और ऑपरेशन को जोड़ने में जुटी हैं।