Breaking News लखनऊ में ताज होटल साइट पर बड़ा हादसा टला! बेसमेंट में लगी भीषण आग, 100 मजदूर बाल-बाल बचे

लखनऊ में ताज होटल साइट पर बड़ा हादसा टला! बेसमेंट में लगी भीषण आग, 100 मजदूर बाल-बाल बचे Lucknow Taj Hotel fire incident

लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में शुक्रवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माणाधीन ताज होटल के बेसमेंट में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में पेंट, केमिकल और अन्य ज्वलनशील सामग्री आने से धुआं और लपटें तेजी से फैलने लगीं। राहत की बात यह रही कि इमारत में काम कर रहे करीब 100 मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। तीन फायर स्टेशनों से पहुंची नौ दमकल गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जबकि आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

लखनऊ। विभूतिखंड थाने के ठीक बगल में बन रहे सात मंजिला ताज होटल के बेसमेंट में शुक्रवार शाम करीब चार बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग बेसमेंट में रखे पेंट, केमिकल और अन्य ज्वलनशील सामान तक पहुंच गई।

आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और घना धुआं व तेज लपटें उठने लगीं। उस समय इमारत के अंदर लगभग 100 मजदूर काम कर रहे थे। धुआं फैलते ही मजदूरों में हड़कंप मच गया और वे शोर मचाते हुए बाहर की ओर भागे। सूचना मिलते ही गोमती नगर, इंदिरानगर और चौक फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

विभूतिखंड थाने के बगल में बन रहे इस ताज होटल में नीचे तीन मंजिला बेसमेंट भी है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अंकुश मित्तल ने बताया कि शाम चार बजे कंट्रोल रूम को आग की सूचना मिली थी, जिसके बाद गोमती नगर फायर स्टेशन से दो दमकल गाड़ियों को तुरंत रवाना किया गया।

दमकल कर्मियों ने हौज पाइप की मदद से आग बुझाने की कोशिश शुरू की, लेकिन आग और फैलने लगी। इसके बाद पास की इमारत के फायर फाइटिंग सिस्टम का भी इस्तेमाल किया गया। स्थिति गंभीर होती देख चौक और इंदिरानगर फायर स्टेशन से अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। मौके पर करीब 80 दमकलकर्मी, तीन फायर स्टेशन अफसर मौजूद रहे।

दमकल कर्मियों ने अलग-अलग टीमें बनाकर बीए सेट पहनते हुए बिल्डिंग के भीतर प्रवेश किया। आग तीन मंजिला बेसमेंट की पहली मंजिल (बी-1) में लगी थी। नौ दमकल गाड़ियों और एक वाटर बाउजर की मदद से करीब तीन घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

सीएफओ अंकुश मित्तल ने बताया कि इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और उससे जुड़े दस्तावेज, अनुमति व अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सके हैं। घटना की जानकारी मिलते ही डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह, एडीसीपी अमोल मुरकुट और एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी भी मौके पर पहुंचे।

बेसमेंट में हो रहा था पत्थर कटाई का काम

बहराइच निवासी मजदूर प्रद्युम्न ने बताया कि बेसमेंट में पत्थर कटाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक पत्थर काटने वाली मशीन में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। मजदूरों का कहना है कि केमिकल और अन्य सामान में कुछ धमाकों जैसी आवाजें भी आईं, हालांकि दमकल अधिकारियों ने धमाकों की पुष्टि नहीं की है।

मजदूरों ने सुनाई आंखों देखी घटना

बाराबंकी निवासी मोहित कुमार ने बताया कि अचानक शोर मचा और लोग इधर-उधर भागने लगे। आग लगते ही वह सातवीं मंजिल से सीढ़ियों के सहारे नीचे उतरे और किसी तरह अपनी जान बचाई।

वहीं मजदूर बाबूराम ने बताया कि वह भी मोहित के साथ ऊपरी मंजिल पर काम कर रहे थे। साथियों ने आग लगने की सूचना दी। चारों तरफ धुआं फैल गया था और सांस लेना बेहद मुश्किल हो गया था।