गुवाहाटी टेस्ट में पिच बनी टीम इंडिया की दुश्मन! साउथ अफ्रीका ने जड़ा 489, अब बल्लेबाजों की परीक्षा शुरू

गुवाहाटी टेस्ट मैच में टीम इंडिया की गेंदबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, ऊपर से पिच भी गेंदबाजों का साथ नहीं दे रही थी। अब नजरें भारतीय बल्लेबाजों पर हैं, जो टीम को मैच में वापस लाने की जिम्मेदारी उठाएंगे।

साउथ अफ्रीका का धमाका, भारत की उम्मीदों पर पानी

भारत के खिलाफ पहली पारी में साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों ने जबरदस्त प्रदर्शन दिखाया। पहले दिन (22 नवंबर) भारत ने 250 रन से पहले ही मेहमान टीम के 6 विकेट गिरा दिए थे। उस समय लग रहा था कि साउथ अफ्रीका 300 के आसपास ही सिमट जाएगी। लेकिन सेनुरन मुथुसामी और मार्को जानसेन ने भारत की गणित ही बिगाड़ दी और टीम को 489 के विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया।

'ये तो पूरा रोड था' – कुलदीप यादव का बयान वायरल

बरसापारा स्टेडियम की पिच दूसरे दिन पूरी तरह बल्लेबाजों के अनुकूल दिखी। भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव ने साफ कहा कि पिच गेंदबाजों के लिए बेहद मुश्किल थी।

उन्होंने खेल खत्म होने के बाद कहा—
“कोलकाता की पिच अलग थी, ये तो पूरा रोड था। इसलिए इसे टेस्ट विकेट कहा जाता है।”

कुलदीप ने माना कि गेंद पुरानी होने पर तेज गेंदबाज पूरी तरह बेअसर हो गए। इसी का फायदा उठाते हुए जानसेन और मुथुसामी ने लंबी पार्टनरशिप की।

पिच की शिकायत नहीं करनी चाहिए" – कुलदीप

कुलदीप ने आगे कहा:
“तेज गेंदबाजों को भी मदद नहीं थी। लेकिन यही टेस्ट क्रिकेट है—सीखना चाहिए और खेल का आनंद लेना चाहिए। अगला टेस्ट बेहतर विकेट पर भी हो सकता है, इसलिए शिकायत नहीं करनी चाहिए।”

उनके मुताबिक पहले दिन थोड़ी टर्न दिखी भी थी, लेकिन दूसरे दिन तो पिच और भी आसान हो गई।
वे बोले—
“मैं और जडेजा भी यही बात कर रहे थे कि दूसरे दिन कोई टर्न थी ही नहीं।”


मुथुसामी का पहला टेस्ट शतक, जानसेन की तूफानी पारी

साउथ अफ्रीका के लिए सेनुरन मुथुसामी ने करियर का पहला टेस्ट शतक जमाया। उन्होंने 10 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 109 रन बनाए। वहीं मार्को जानसेन ने सिर्फ 91 गेंदों पर 7 छक्के और 6 चौकों की मदद से 93 रन ठोक डाले।

भारत की ओर से कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके।

अब चुनौती भारतीय बल्लेबाजों के सामने

कुलदीप ने सही कहा—पिच को दोष देकर कुछ नहीं मिलेगा।
अगर भारत को इस मैच में वापसी करनी है, तो कम से कम 2-3 बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर खेलना ही होगा।

अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज इस सपाट पिच का कितना फायदा उठा पाते हैं!