Dubai Air Show में बड़ा हादसा: तेजस क्रैश की नई तस्वीरें सामने आईं, जमीन की ओर गिरता दिखा जेट, आग के गोले में तब्दील
दुबई एयर शो 2025 में भारतीय लड़ाकू विमान LCA Tejas के क्रैश का नया वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। तेजस का यह सिंगल-सीटर कॉम्बैट जेट एक नेगेटिव G टर्न करते हुए अचानक तेज़ी से नीचे आया और जमीन से टकराते ही आग का गोला बन गया। कुछ ही सेकंड में हवा में काले धुएं का घना बादल फैल गया, जिसे देखकर दर्शक अपनी सीटों से उछल पड़े।
अटेंडी ने कैमरे में कैद किए हादसे के आखिरी पल
दुबई एयर शो देखने पहुंचे रियल एस्टेट एडवाइजर अबू बकर ने तेजस के क्रैश के ठीक पहले के क्षणों को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया। बकर के मुताबिक, “जेट नीचे और नीचे आता रहा… हम सोच रहे थे कि पायलट इसे ऊपर खींच लेगा, लेकिन पलभर में ज़मीन से टकरा गया। यह अविश्वसनीय था।”
बहुत कम ऊंचाई पर किया गया रोल बन गया जानलेवा
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेजस जेट पहले एक नेगेटिव G manoeuvre कर रहा था और उसी दौरान उसने एक रोल की कोशिश की। यह एक उन्नत एरोबैटिक स्टंट होता है, लेकिन जेट उस समय बेहद कम ऊंचाई पर उड़ रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
रोल एक स्नैप रोल जितना तेज नहीं था
जेट ने manoeuvre के दौरान ऊंचाई खो दी
बैरल रोल पूरा कर पाने के बाद भी जेट की वर्टिकल स्पीड बहुत ज्यादा थी
और उसी दौरान जेट जमीन से टकरा गया
कुछ ही सेकंड में विमान बुरी तरह जल गया और उसके टुकड़े आसपास बिखर गए।
नए फोटो में दिखा दर्दनाक मंजर
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में:
जेट को नीचे गिरते हुए
जमीन से टकराते ही आग के गोले में तब्दील होते हुए
और बाद में जलकर राख हो चुके मलबे को देखा जा सकता है
करीब से ली गई तस्वीरों में जला हुआ, मुड़ा हुआ और पूरी तरह क्षतिग्रस्त तेजस का ढांचा साफ देखा जा सकता है।
Negative G Manoeuvre क्या होता है?
एविएशन में नेगेटिव G वह स्थिति होती है जब विमान गुरुत्वाकर्षण की विपरीत दिशा में बल महसूस करता है।
ऐसे manoeuvre के दौरान:
खून सिर की ओर तेजी से जाता है
पायलट को चक्कर या डिसओरिएंटेशन हो सकता है
विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है
तेजस का क्रैश इसी तरह के एक नेगेटिव G manoeuvre से शुरू हुआ था।
विंग कमांडर नमांश सयाल की शहादत
इस हादसे में भारतीय वायुसेना के पायलट विंग कमांडर नमांश सयाल ने अपनी जान गंवा दी।
34 वर्षीय सयाल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पतीयालकर गांव के रहने वाले थे।
वह अपने पीछे छोड़ गए हैं:
उनकी पत्नी (स्वयं IAF अधिकारी)
6 वर्षीय बेटी
माता-पिता
सयाल ने हमीरपुर के सैनिक स्कूल, सुजानपुर तिरा से पढ़ाई पूरी की थी। उनके पिता भी भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं और बाद में शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल रहे।