उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक बर्थडे पार्टी के दौरान गोली चलने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। शुरुआत में यह मामला आपसी विवाद और फायरिंग का लगा, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो जो सच सामने आया, उसने सबको चौंका दिया। बर्थडे पार्टी में युवक को गोली मारने वाली युवती अंशिका सिंह कोई साधारण लड़की नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाली शातिर अपराधी निकली।
पुलिस के अनुसार अंशिका सिंह इंस्टाग्राम पर अश्लील गानों और रील्स के जरिए लोगों से दोस्ती करती थी। धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ाकर वह उनके निजी वीडियो और तस्वीरें बना लेती थी, फिर उन्हीं के जरिए ब्लैकमेलिंग शुरू करती थी। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिले हैं, जिनमें कुछ पुलिसकर्मियों के साथ भी तस्वीरें शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि वह इनका इस्तेमाल भी ब्लैकमेलिंग के लिए करती थी।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया मोड़ स्थित मॉडल शॉप के पास की है। 20 जनवरी की शाम अंशिका सिंह अपने दोस्तों के साथ यहां बर्थडे पार्टी मना रही थी। इसी दौरान उसका एक प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर विशाल मिश्रा से विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि अंशिका ने अचानक पिस्टल निकालकर विशाल पर तान दी। छीना-झपटी के दौरान गोली चल गई, जो विशाल के दोस्त अमिताभ निषाद के पेट में जा लगी।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। भीड़ ने साहस दिखाते हुए अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अमिताभ को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज रेफर किया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने अंशिका सहित दो लोगों को हिरासत में लेकर कैंट थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया और बाद में जेल भेज दिया।
ब्लैकमेलिंग की खौफनाक कहानी
विशाल मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह खोराबार थाना क्षेत्र के जमुना टोला का निवासी है और द्विवेदी चाइल्ड केयर अस्पताल में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। कुछ समय पहले अंशिका सिंह अपने साथी बंटी वर्मा के साथ अस्पताल आई थी। बातचीत के दौरान दोनों ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया।
कुछ दिन बाद अंशिका दोबारा बंटी के साथ अस्पताल पहुंची और विशाल को बाहर बुलाया। आरोप है कि अंशिका ने पिस्टल दिखाकर उससे 12 हजार रुपये मांगे और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर वह रेप के झूठे मुकदमे में फंसा देगी। डर के मारे विशाल ने पैसे दे दिए। इसके बाद 20 जनवरी को अंशिका ने फोन कर 50 हजार रुपये की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। मजबूरी में विशाल 20 हजार रुपये का इंतजाम कर तय जगह पर पहुंचा, जहां बर्थडे पार्टी के दौरान विवाद और फिर गोलीकांड हुआ।
परिवार ने भी बना ली थी दूरी
अंशिका सिंह मूल रूप से हरपुरबुदहट की रहने वाली है। वह गोरखपुर के सिंघड़िया इलाके में किराए के कमरे में रहती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि उसके महंगे रहन-सहन, दोस्तों के साथ लगातार घूमने-फिरने और संदिग्ध गतिविधियों के कारण उसके परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी।
पुलिस जीप के साथ रील और थार कांड
अंशिका को सोशल मीडिया पर रील बनाने का जबरदस्त शौक है। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 700 से ज्यादा वीडियो मौजूद हैं। वह पहले भी विवादों में रह चुकी है। संतकबीरनगर कोतवाली के सामने पुलिस जीप के पास आपत्तिजनक गाने के साथ रील बनाने का मामला भी सामने आया था।
इतना ही नहीं, 12 अक्टूबर 2025 को अंशिका और उसके छह साथियों के खिलाफ खोराबार थाने में थार गाड़ी चोरी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने का केस दर्ज हुआ था। जांच में पता चला कि सितंबर 2025 में अंशिका दोस्तों के साथ दिल्ली गई थी, जहां से थार किराए पर ली गई और वापस नहीं लौटाई गई। पुलिस से बचने के लिए गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर में घूमते रहे। इस मामले में उसके दो साथी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस अंशिका सिंह के मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया अकाउंट और उसके संपर्कों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ब्लैकमेलिंग और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं। गोरखपुर की यह घटना सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और अपराध की खतरनाक सच्चाई को उजागर करती है।