कर्नाटक पुलिस महकमे से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे राज्य की ब्यूरोक्रेसी को हिला कर रख दिया है। कर्नाटक कैडर के सीनियर IPS अधिकारी के. रामचंद्र राव (K. Ramachandra Rao) को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। उन पर आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक आपत्तिजनक वीडियो में वह दिखाई दे रहे हैं।
आइए जानते हैं कौन हैं Ramachandra Rao और क्या है यह पूरा विवाद जिसने कर्नाटक की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
कौन हैं K. Ramachandra Rao?
रामचंद्र राव कर्नाटक पुलिस के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली अधिकारियों में से एक माने जाते रहे हैं। सस्पेंशन से पहले वह डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), सिविल राइट्स एनफोर्समेंट के पद पर तैनात थे। इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी जाति आधारित भेदभाव और नागरिक अधिकारों के उल्लंघन की निगरानी करना है।
दशकों के अपने करियर में उन्होंने पुलिस विभाग के कई बड़े पदों पर काम किया। सत्ता के गलियारों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी और उनकी छवि एक कड़क प्रशासक की थी। लेकिन जनवरी 2026 में सामने आए एक वीडियो ने उनके पूरे करियर पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार, 19 जनवरी की देर रात कर्नाटक सरकार ने राव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी किया।
आरोप: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें राव कथित तौर पर अपने ऑफिस के अंदर एक महिला के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं।
सरकार का रुख: सरकारी आदेश में कहा गया कि अधिकारी ने “अश्लील व्यवहार किया जो एक सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय है और इससे सरकार की बदनामी हुई है।”
इतना ही नहीं, वीडियो के साथ-साथ दो ऑडियो क्लिप भी वायरल हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इसमें Rao एक महिला से ऐसी बातें कर रहे हैं जो उनके पद और गरिमा के खिलाफ हैं। हालांकि, इन वीडियो और ऑडियो की सच्चाई अभी जांच में साबित होनी बाकी है।
नियमों का उल्लंघन और पाबंदियां
सरकार के मुताबिक, यह अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968 के नियम 3 का सीधा उल्लंघन है। यह नियम कहता है कि हर अधिकारी को पूरी ईमानदारी और गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
सस्पेंशन के बाद की स्थिति:
Ramachandra Rao बिना अनुमति के मुख्यालय (Headquarters) नहीं छोड़ पाएंगे।
सस्पेंशन के दौरान उन्हें नियमानुसार ‘निर्वाह भत्ता’ (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।
उनके खिलाफ एक विस्तृत विभागीय जांच बैठाई गई है।
पुराना विवादों से नाता
यह पहली बार नहीं है जब Ramachandra Rao का नाम किसी विवाद में आया हो। इससे पहले उनकी सौतेली बेटी से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल गोल्ड स्मगलिंग केस में भी उनका नाम उछला था। हालांकि, उस वक्त उन पर कोई सीधे आपराधिक आरोप तय नहीं हुए थे, लेकिन उनकी साख पर सवाल जरूर उठे थे।
आगे क्या होगा?
अगर विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो Ramachandra Rao के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि दोष सिद्ध होने पर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) या सेवा से बर्खास्तगी जैसी कड़ी सजा मिल सकती है।
विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं और सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एक DGP रैंक के अधिकारी का इस तरह विवादों में आना कर्नाटक पुलिस की छवि के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।