कफ सिरप सिंडिकेट में बड़ा धमाका: बनारस की महिला बिल्डर के खाते में मिले 22 करोड़, ED ने भेजा नोटिस!

कफ सिरप

Lucknow: उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट का मामला अब और भी गहराता जा रहा है। जैसे-जैसे जांच की परतें खुल रही हैं, चौंकाने वाले नाम सामने आ रहे हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रडार पर वाराणसी की एक महिला बिल्डर आई है। ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया है क्योंकि उनके बैंक खाते में इस काले धंधे से जुड़े करोड़ों रुपये पाए गए हैं।

खाते में 22 करोड़ देख फटी रह गईं अधिकारियों की आंखें!

मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान ईडी को पता चला कि कफ सिरप सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की फर्म, शैली ट्रेडर्स, से महिला बिल्डर के खाते में लगभग 22 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। यह बड़ी रकम अलग-अलग मौकों पर भेजी गई। अब ईडी यह जानना चाहती है कि आखिर एक बिल्डर और कफ सिरप कारोबारी के बीच ऐसा कौन सा गुप्त सौदा हुआ था? क्या यह कोई असली बिजनेस डील थी या फिर अवैध कमाई को सफेद करने का एक जरिया?

STF के एक्शन के बाद अब ED का शिकंजा

इस पूरे खेल का पर्दाफाश उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने किया था। एसटीएफ ने शुभम जायसवाल, आलोक सिंह, अमित सिंह टाटा और विभोर राणा जैसे बड़े खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया था। खुलासा हुआ था कि नशीली कफ सिरप की अवैध सप्लाई बड़े पैमाने पर हो रही है। इसी के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर पैसों के लेन-देन (Money Trail) की जांच शुरू कर दी।

पूछताछ में खुले कई राज: रियल एस्टेट में लगा पैसा?

ईडी के अफसर अब तक आरोपी आलोक सिंह और अमित टाटा से तीन बार पूछताछ कर चुके हैं। इन्हीं पूछताछों और बैंक दस्तावेजों की पड़ताल में वाराणसी की इस महिला बिल्डर का नाम उछला। जांच एजेंसी को शक है कि कफ सिरप के अवैध धंधे से कमाया गया ‘गंदा पैसा’ रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश किया गया ताकि उसे कानूनी रूप दिया जा सके।

क्या होंगे ED के तीखे सवाल?

  • 22 करोड़ रुपये आपके खाते में किस काम के लिए आए?

  • क्या यह पैसा किसी जमीन या फ्लैट की डील का था?

  • क्या आपको पता था कि यह पैसा अवैध कारोबार से जुड़ा है?

ईडी अधिकारी जल्द ही महिला बिल्डर के बैंक रिकॉर्ड्स और संपत्तियों की जांच करेंगे। अगर सबूत मिले, तो संपत्तियों को जब्त भी किया जा सकता है।

आर्पिक फार्मा पर भी कसता जा रहा है घेरा

सिर्फ महिला बिल्डर ही नहीं, बल्कि आर्पिक फार्मा के संचालक मनोहर लाल जायसवाल और उनकी पत्नी पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। ईडी उन्हें दो बार बुला चुकी है, लेकिन वे अब तक पेश नहीं हुए। अब खबर है कि अगले हफ्ते उन्हें तीसरा और आखिरी नोटिस भेजा जाएगा। अगर इस बार भी वे नहीं आए, तो ईडी सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

आगे क्या होगा?

कोडीन सिंडिकेट का यह नेटवर्क बहुत बड़ा है और इसमें कई रसूखदार लोग शामिल हो सकते हैं। ईडी की सख्ती से साफ है कि अब सिर्फ कफ सिरप बेचने वाले ही नहीं, बल्कि उस पैसे को ठिकाने लगाने वाले ‘सफेदपोश’ भी जेल की हवा खाएंगे। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों पर गाज गिरना तय है।