Delhi Weather: टूट गया रिकॉर्ड! 3.2°C पर पहुंची दिल्ली, जानें आपके इलाके में कब होगी बारिश?

Delhi Weather

New Delhi : राजधानी Delhi में कड़ाके की ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार, 13 जनवरी के लिए Delhi-NCR में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज Delhi के कई इलाकों में शीतलहर (Cold Wave) का कहर जारी रहेगा। यह अलर्ट तब आया है जब सोमवार को Delhi में इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया।

3 डिग्री तक लुढ़का पारा

सोमवार, 12 जनवरी को Delhi में न्यूनतम तापमान गिरकर 3.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को भी तापमान 3 से 5 डिग्री के बीच ही बना रहेगा। निजी मौसम एजेंसी ‘स्काईमेट’ (SkyMet) के अनुसार, 12 जनवरी इस सीजन का दूसरा सबसे ठंडा दिन रहा जब पारा 4 डिग्री के नीचे गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्काईमेट ने बताया कि इस हफ्ते के अंत तक स्थिति कमोवेश ऐसी ही बनी रह सकती है।

आज कैसा रहेगा मौसम?

IMD ने मंगलवार को Delhi-NCR के कई हिस्सों में शीतलहर की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार:

  • 13 जनवरी: कई स्थानों पर शीतलहर का प्रकोप रहेगा (ऑरेंज अलर्ट)।

  • 14 जनवरी: कुछ चुनिंदा इलाकों में शीतलहर का असर दिखेगा।

  • हफ्ते का अंत: आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है।

स्काईमेट ने भी चेतावनी दी है कि वीकेंड तक हाड़ कंपाने वाली ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है।

आखिर कब मिलेगी राहत?

Delhi वालों के मन में एक ही सवाल है—ये ठंड कब कम होगी? मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 15 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान सामान्य होने की उम्मीद है। वहीं, स्काईमेट का मानना है कि 16-17 जनवरी के आसपास हल्की राहत मिल सकती है।

  • बारिश की संभावना: स्काईमेट ने बताया कि 18 से 21 जनवरी के बीच दिल्ली में विंटर रेन (सर्दियों की बारिश) हो सकती है, जिससे मौसम का मिजाज बदलेगा।

  • तापमान में बढ़ोतरी: IMD के मुताबिक, 15 जनवरी से तापमान बढ़ना शुरू होगा। 15 तारीख को यह 5-7 डिग्री, 16 को 6-8 डिग्री और 17-18 जनवरी तक 8-10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर

मौसम में इस बदलाव का मुख्य कारण एक नया पश्चिमी विक्षोभ है, जो 15 जनवरी से हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। स्काईमेट के मुताबिक, इसके प्रभाव से हवाओं का रुख बदलेगा और नमी बढ़ेगी, जिससे पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं पर लगाम लगेगी। हालांकि यह राहत मामूली होगी, लेकिन 18 जनवरी के बाद एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

क्या इस बार ज्यादा पड़ेगी ठंड?

क्या इस साल सर्दी के सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे? इस पर स्काईमेट वेदर सर्विसेज के प्रेसिडेंट जीपी शर्मा ने कहा कि आमतौर पर जनवरी के बीच से अंत तक कड़ी ठंड पड़ती ही है। उन्होंने बताया कि इस बार भी कड़ाके की ठंड के स्पेल (Spells) आएंगे, जैसा हर साल होता है, लेकिन अभी तक किसी बहुत ही असाधारण (Outlier) स्थिति के संकेत नहीं हैं।