नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) ने भारत में एक बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, X ने अपने प्लेटफॉर्म से 3,500 से ज्यादा पोस्ट ब्लॉक कर दिए हैं और 600 से ज्यादा अकाउंट्स को हमेशा के लिए डिलीट कर दिया है। यह कार्रवाई भारत सरकार के उस कड़े रुख के बाद हुई है, जिसमें कंपनी के AI चैटबॉट ‘Grok’ द्वारा बनाई जा रही अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरों (Obscene imagery) पर सवाल उठाए गए थे।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एलन मस्क की कंपनी ‘X Corp’ से रिपोर्ट मांगी थी कि उन्होंने ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
सरकार को दिलाया भरोसे का यकीन मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, X ने भारत सरकार को आश्वासन दिया है कि वह देश के इंटरनेट नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वह ऐसे कड़े इंतजाम करेगी जिससे Grok भविष्य में कोई भी अश्लील तस्वीर न बना सके और न ही उसे बढ़ावा दे। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में उन पोस्ट्स को हटाया गया है जिन्हें अधिकारियों ने फ्लैग किया था, और उन यूजर्स के अकाउंट बंद कर दिए गए हैं जो बार-बार नियम तोड़ रहे थे।
सरकार ने दी थी “गंभीर लापरवाही” की चेतावनी इस महीने की शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने X को एक नोटिस भेजा था। इसमें सरकार ने Grok के जरिए अश्लील कंटेंट फैलने को “गंभीर विफलता” (Serious failure) बताया था। अधिकारियों ने चिंता जताई थी कि ऐसा कंटेंट भारत के आईटी कानूनों और सोशल मीडिया गाइडलाइंस का उल्लंघन है, जिसके तहत कंपनियों को गैर-कानूनी सामग्री के खिलाफ तुरंत एक्शन लेना होता है।
एक सीनियर अधिकारी ने पहले एक रिपोर्ट में साफ कहा था, “देश का कानून सबसे ऊपर है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में काम करने वाले सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नियमों का पालन करना ही होगा। अधिकारी ने यह चेतावनी भी दी थी कि अगर नियमों की अनदेखी हुई, तो X अपनी ‘कानूनी सुरक्षा’ (Intermediary status) खो सकता है, जो उसे यूजर्स के कंटेंट के लिए कानूनी पचड़ों से बचाती है।
डेडलाइन के बाद हरकत में आई कंपनी सूत्रों का कहना है कि सरकार ने एक्शन रिपोर्ट जमा करने के लिए X को एक समय सीमा (Timeline) दी थी, जिसके बाद कंपनी ने बड़े पैमाने पर सफाई अभियान शुरू किया। 3,500 से ज्यादा पोस्ट ब्लॉक करना और 600 अकाउंट्स डिलीट करना एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार निगरानी रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नियम आगे भी माने जा रहे हैं।
क्यों खतरनाक है Grok का यह विवाद? Grok को लेकर उठे विवाद ने सोशल मीडिया पर मौजूद AI चैटबॉट्स के खतरों पर फिर से ध्यान खींचा है। बाकी AI टूल्स से अलग, Grok सीधे X प्लेटफॉर्म के अंदर काम करता है। इसका मतलब है कि यूजर तुरंत कोई भी फोटो या कंटेंट बनाकर उसे लाखों लोगों के साथ शेयर कर सकते हैं। अधिकारियों का तर्क है कि अगर सुरक्षा के इंतजाम ठीक नहीं हुए, तो इससे गलत चीजें बहुत तेजी से फैल सकती हैं।
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अधिकारी ने बताया, “Grok के मामले में असर ज्यादा गंभीर है क्योंकि यह X जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर काम करता है।” सरकार ने इशारा किया है कि अगर दूसरे प्लेटफॉर्म भी अपने AI चैटबॉट्स को कंट्रोल नहीं कर पाए, तो उन पर भी गाज गिर सकती है।
दुनिया भर में हो रहा विरोध सिर्फ भारत ही नहीं, Grok द्वारा अश्लील कंटेंट बनाने को लेकर दूसरे देश भी नाराज हैं। हाल ही में इंडोनेशिया ने तो इस चैटबॉट को सस्पेंड ही कर दिया था। इसके अलावा ब्रिटेन, फ्रांस और मलेशिया जैसे देश भी AI सिस्टम्स द्वारा बनाए जाने वाले हानिकारक कंटेंट के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कार्रवाई एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब दुनिया भर की सरकारें टेक कंपनियों को AI से बनने वाले कंटेंट के लिए जिम्मेदार ठहरा रही हैं और उनसे पारदर्शिता की मांग कर रही हैं।
एलन मस्क की ‘फ्री स्पीच’ बनाम भारत का कानून अरबपति एलन मस्क की कंपनी X के लिए यह घटना सरकारों के साथ टकराव का एक और उदाहरण है। जहां कंपनी खुद को ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ (Free Speech) का समर्थक बताती है, वहीं भारतीय अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बोलने की आजादी देश के कानूनों के दायरे में ही होनी चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि आईटी मंत्रालय अब X द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट की समीक्षा करेगा और अगर जरूरत पड़ी तो और निर्देश जारी कर सकता है। फिलहाल, सरकार की उम्मीद यही है कि प्लेटफॉर्म पर दोबारा ऐसी AI जनरेटेड अश्लील सामग्री न दिखाई दे।