वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्यार, धोखे और कत्ल की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है. एक 40 साल की शादीशुदा महिला अपने 27 साल के प्रेमी के बच्चे की मां बनना चाहती थी. उसकी यह जिद जुनून में बदल गई और आखिर में इसी जुनून ने उसकी जान ले ली. हैरानी की बात यह है कि महिला की हत्या उसके प्रेमी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर की. जानिए आखिर उस रात क्या हुआ था और कानून इस तरह के रिश्तों पर क्या कहता है.
अवैध संबंधों का खौफनाक अंजाम आजकल एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स और उनके चलते होने वाले अपराधों की खबरें अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन वाराणसी का यह मामला बेहद अजीबोगरीब है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अनुपमा नाम की महिला अपने पति के बजाय अपने प्रेमी मोहित से गर्भवती होना चाहती थी. वह उस पर लगातार दबाव बना रही थी. लेकिन इससे पहले कि उसकी यह इच्छा पूरी होती, उसका अंत बहुत दर्दनाक हुआ.
दूध लेते-लेते हुआ प्यार और फिर… मृतका अनुपमा पटेल (40) वाराणसी के शारदा विहार कॉलोनी में अकेले रहती थीं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थीं. वहीं, आरोपी मोहित यादव (27) भी उसी कॉलोनी में किराए पर रहता था. अनुपमा पैकेट वाला दूध बेचती थीं. मोहित अक्सर उनसे दूध लेने आता था. इसी दौरान दोनों में बातचीत शुरू हुई, नजदीकियां बढ़ीं और फिर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए. मोहित उस वक्त कुंवारा था, लेकिन बाद में उसकी शादी अंजलि नाम की लड़की से हो गई. शादी के बाद भी अनुपमा और मोहित का रिश्ता चोरी-छिपे चलता रहा.
प्रेमी से ‘बच्चा’ पाने की खतरनाक जिद पुलिस के मुताबिक, अनुपमा नि:संतान थीं. उनके मन में मोहित से बच्चा पैदा करने की इच्छा जाग उठी. वह मोहित पर लगातार दबाव बनाने लगीं कि वह उन्हें गर्भवती करे. जब मोहित ने मना किया, तो अनुपमा ने उसे पुलिस केस में फंसाने और बदनाम करने की धमकियां देनी शुरू कर दीं. रोज-रोज की इस ब्लैकमेलिंग और क्लेश से तंग आकर मोहित ने अपनी पत्नी अंजलि को सब सच बता दिया.
पत्नी को बताया सच, फिर रची मौत की साजिश सच जानने के बाद मोहित की पत्नी अंजलि ने उसका साथ देने का फैसला किया. दोनों ने मिलकर अनुपमा को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. 11 दिसंबर की सुबह वे अनुपमा के घर पहुंचे. अंजलि निगरानी के लिए घर से थोड़ी दूर रुक गई, जबकि मोहित पिछले दरवाजे से चुपचाप घर के अंदर दाखिल हुआ और अनुपमा की हत्या कर दी.
वारदात को लूट का रूप देने के लिए दोनों ने शातिर चाल चली. उन्होंने घर से सोने के जेवर, मोबाइल और नकदी चुरा ली, ताकि पुलिस को लगे कि यह हत्या लूट के इरादे से हुई है.
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24 घंटे में पुलिस ने खोल दी पोल वाराणसी की एडीसीपी नीतू कात्यान ने बताया कि पुलिस ने बेहद तेजी से कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के अंदर ही आरोपी पति-पत्नी (मोहित और अंजलि) को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके पास से हत्या के वक्त पहने खून से सने कपड़े, लूटे गए सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और 73,640 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं. थाना शिवपुर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है.
अगर बच्चा हो जाता तो क्या होता? (कानूनी पहलू) यह मामला सिर्फ क्राइम नहीं, बल्कि कानूनी पेचीदगियों का भी है.
एडल्टरी (Adultery): भारतीय कानून में अब व्यभिचार अपराध की श्रेणी में नहीं आता, लेकिन यह तलाक का एक मजबूत आधार जरूर है.
बच्चे का पिता कौन?: अगर अनुपमा अपने प्रेमी से गर्भवती हो जाती और बच्चे को जन्म देती, तो ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112’ के तहत कानूनी तौर पर अनुपमा का पति ही उस बच्चे का पिता माना जाता. कानून बच्चे को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए ऐसा प्रावधान करता है. हालांकि, डीएनए टेस्ट के जरिए पति यह साबित कर सकता है कि वह बच्चा उसका नहीं है.