कोलकाता के विभिन्न इलाकों में शनिवार को बेरोजगार युवाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ये युवक-युवतियां पश्चिम बंगाल सरकार की बांग्लार युवा साथी योजना के तहत मिलने वाली ₹1,500 मासिक सहायता के लिए पंजीकरण कराने पहुंचे थे। इस योजना के लिए शुरू हुए नामांकन शिविरों को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।
बांग्लार युवा साथी योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को कुछ हद तक आर्थिक सहारा देना है, ताकि वे रोजगार या कौशल विकास के अवसरों की खोज जारी रख सकें।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, नामांकन शिविर 15 फरवरी से 26 फरवरी तक आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे। युवाओं की सुविधा के लिए नगर निगम कार्यालयों, ब्लॉक विकास कार्यालयों और अन्य चिन्हित सामुदायिक केंद्रों में पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
सुबह से ही बड़ी संख्या में युवा आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज लेकर शिविरों में पहुंचने लगे। कई आवेदकों का कहना है कि यह राशि भले ही कम हो, लेकिन नौकरी की तलाश के दौरान आने वाले रोजमर्रा के खर्चों—जैसे यात्रा, इंटरनेट और आवेदन शुल्क—में यह काफी मददगार साबित होगी।
उत्तर कोलकाता के एक शिविर में कतार में खड़े एक परास्नातक डिग्रीधारी युवक ने कहा, “मैं पिछले एक साल से नौकरी की तलाश कर रहा हूं। ₹1,500 बहुत बड़ी रकम नहीं है, लेकिन इससे परिवार पर आर्थिक दबाव जरूर कम होगा।”
शिविरों में तैनात अधिकारियों के अनुसार, पहले ही दिन उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “खासतौर पर ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों की संख्या अधिक है। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त काउंटर लगाए गए हैं, ताकि पंजीकरण और दस्तावेज सत्यापन तेजी से हो सके।”
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ केवल पश्चिम बंगाल के स्थायी निवासी और वर्तमान में बेरोजगार युवक-युवतियां ही ले सकते हैं। आवेदकों को बेरोजगार होने का स्व-घोषणा पत्र भी संबंधित दस्तावेजों के साथ जमा करना अनिवार्य है।
युवाओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर शिक्षित बेरोजगारी के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है, खासकर शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में। जहां कुछ लोग इस योजना को समय पर मिली राहत बता रहे हैं, वहीं कई युवाओं का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए रोजगार सृजन और उद्योगों के विस्तार पर भी जोर दिया जाना चाहिए।
नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी तक जारी रहेगी। प्रशासन ने पात्र युवाओं से अपील की है कि वे अंतिम दिनों की भीड़ से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण पूरा कर लें।